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जनरल बिपिन रावत Helicoptor Accident या दुश्मनों की साजिश?

तमिलनाडु के नीलगिरी जिले से एक बुरी खबर आ रही है की, यहां भारतीय सेना (Indian Army) का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। कहां जा रहा है कि, इस हेलीकॉप्टर में सीडीएस जनरल बिपिन (CDS General Bipin Rawat) रावत समेत सेना के कई वरिष्ठ आर्मी अफसर भी सवार थे। ये सभी एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। इस दर्दभरे हादसे के बाद पूरे इलाके को आर्मी द्वारा सील कर दिया गया है।

भारत के पहले रक्षा प्रमुख या चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और उनकी फॅमिली के हेलिकॉप्टर अपघात की खबर से पूरा देश हिल गया है। इतने महत्वपूर्ण पद के अफसर का इस तरह से एक्सीडेंट होना साधारण घटना नहीं है। क्या इसमें देश के दुश्मनों की साजिश हो सकती है?

भारत चीन सीमा विवाद के चलते सब घटनाओ पर बारीकी से नजर रखते हुए उन्होंने सेना का जोश बढ़ा दिया था। भारत ताकतवर बन गया था। किसी भी युद्ध को जवाब देने के लिए सक्षम बन गया था। तभी अचानक आई इस एक्सीडेंट की खबर ने सबको चौका दिया है। अब इसकी पूरी जांच होगी तो सब पता चल ही जाएगा।

CDS बिपिन रावत विमान दुर्घटना की अब तक मिली हुई जानकारी

जानकारी में यह पता चला है, की जनरल बिपिन रावत को अस्पताल ले जाया गया है। हेलिकॉप्टर में उनके अलावा उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी सवार थी ।

भारत सरकार द्वारा चीफऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) पद के सृजन की घोषणा के कुछ दिनों बाद, पराक्रमी सेवानिवृत्त सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को 30दिसंबर को 31 दिसंबर, 2019 को देश का पहला त्रि-सेवा प्रमुख नियुक्त किया गया। जनरल बिपिन रावत शीर्ष पद पर नियुक्त होने वाले पहले सेनाध्यक्ष माने जाते है। शुरूवात में सेना के नियमों में संशोधन करते हुए सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने के लिए नियुक्ति का मार्ग मोदी सरकार ने प्रशस्त किया था। 

CDS बिपिन रावत पराक्रम

  • अपने चार दशकों की सेवा के दौरान, रावत ने एक ब्रिगेड कमांडर, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-सी) दक्षिणी कमान, सैन्य संचालन निदेशालय में जनरल स्टाफ ऑफिसर ग्रेड 2, कर्नल सैन्य सचिव और उप सैन्य सचिव के रूप में कार्य किया
  • जूनियर कमांड विंग में सैन्य सचिव की शाखा और वरिष्ठ प्रशिक्षक। वह संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का भी हिस्सा रहे
  • कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक बहुराष्ट्रीय ब्रिगेड की कमान संभाली है। गोरखा ब्रिगेड से सीओएएस बनने वाले चौथे अधिकारी बनने से पहले रावत थल सेनाध्यक्ष बने। 
  • जनरल बिपिन रावत ने पूर्वोत्तर में आतंकवाद को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें उनके करियर का एक मुख्य आकर्षण म्यांमार में 2015 का सीमा पार ऑपरेशन था जिसमें भारतीय सेना ने एनएससीएन-के आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर सफलतापूर्वक जवाब दिया था। मिशन रावत की देखरेख में दीमापुर स्थित III कोर के ऑपरेशन कमांड से चलाया गया था। 
  • 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक की योजना का भी हिस्सा था, जिसमें भारतीय सेना नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चली गई थी। यह बताया गया था कि रावत नई दिल्ली में साउथ ब्लॉक से घटनाक्रम की निगरानी कर रहे थे। 
  • अपनी पूरी सेवा के दौरान, जनरल बिपिन रावत को परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक, युद्ध सेवा पदक और सेना पदक से अलंकृत किया गया।

आशा करते है, वो सकुशल हो, जल्द ही उनकी तबीयत अच्छी हो जाए। और ऐसे ही आगे बढ़ रहा नया भारत वह खुद अपनी आँखों से देखे।

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