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क्या सचमुच किताबें पढ़ने से आयु बढ़ती है?

हर व्यक्ति बचपन से ही किताब पढ़ता आया है। कुछ लोग किताबें पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं और कुछ लोग कम। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि जो लोग किताबें हर वक्त पढ़ते रहते हैं। उनकी आयु आम लोगों की तुलना में बहुत ज्यादा होती है। 

किताबें पढ़ने से आयु बढ़ती है?

यह बात सच है या झूठ आइए जानते हैं। स्मार्टफोन के जमाने में बहुत से लोग अब किताबें नहीं पढ़ते हैं। दोपहर या रात को सोने से पहले किताबें पढ़ने की आदत लगभग बीते जमाने की बात हो गई है। बहुत से लोगों को रात में किताबें पढ़ने से ज्यादा वेब सीरीज देखने की लत होती है। लेकिन किताब पढ़ने से ना सिर्फ ज्ञान और बुद्धि बढ़ती है, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने में भी मदद मिलती है।

किताब पढ़ने के क्या फायदे हैं?

इसलिए डॉक्टर हर दिन कम से कम एक घंटा किताबें पढ़ने की सलाह देते हैं। दरअसल, जब हम कोई किताब पढ़ते हैं तो हमारे दिमाग के अंदर कई तरह के बदलाव होने लगते हैं, जिससे कई बीमारियां खत्म हो जाती हैं।

मेमोरी बढ़ती है

किताबें पढ़ने से हमारी याददाश्त बढ़ती है। मस्तिष्क का वह भाग जो पुस्तक पढ़ते समय स्मृति को बनाए रखने के लिए प्रयोग किया जाता है, विशेष रूप से सक्रिय हो जाता है। इसलिए किताबें पढ़ने से बहुत कुछ याद रखने की क्षमता भी बढ़ जाती है। यह आदत विद्यार्थी के लिए अच्छी होती है।

जल्दी सोने में मदद मिलती है

क्या रात को सोने में देर हो जाती है? जानकारों का कहना है कि किताबें पढ़ते समय कुछ ऐसे हार्मोन स्रावित होते हैं जो नींद आने में मदद करते हैं। तो अगर आप रात को चैन की नींद सोना चाहते हैं, तो रात में कुछ देर किताबें पढ़ने में क्या हर्ज है? हर रोज अच्छी नींद पाने के लिए किताब पढ़िए।

आज की जिंदगी में हर कोई बहुत ज्यादा परेशान नजर आता है। अपनी दिमाग की थकान दूर करने के लिए किताबों से दोस्ती करें। चिंता को कम करने के लिए किताबें पढ़ने की आदत एक  अच्छी एक्टिविटी होती है।

कार्य करने की क्षमता बढ़ती है

चाहे कार्यस्थल हो या पढ़ाई का क्षेत्र। किसी भी क्षेत्र में सुधार करने के लिए उस कार्य को ध्यान से करना आवश्यक है। इस मामले में किताबें आपकी मदद कर सकती हैं। रोजाना किताबें पढ़ने से दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है। यहां तक की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में भी सुधार होता है। आप जिस काम को करना चाहते हैं। यदि आपको उस काम के विषय में जानकारी नहीं है। तो आप किताब का सहारा लें सकते हैं। किताबों में भी कुछ ऐसी बातें लिखी होती हैं।जो हमें बहुत तरीके से मदद करते हैं।

क्या सचमुच किताबें पढ़ने से आयु बढ़ती है?

किताबें पढ़ने से जीवन आयु भी बढ़ सकती है।  क्या यह बिल्कुल संभव है, आपको लगता है? अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से किताबें पढ़ते हैं वे दूसरों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहते हैं।

हालांकि जानकारों का कहना है कि किताबों का मतलब कागज पर छपी किताबों से है। मोबाइल या टैब की रौशनी वाली स्क्रीन पर किताबें पढ़ने से लाभ मिलने की संभावना कम होती है। आधुनिक जीवन के साथ तालमेल बिठाने के लिए ई-बुक रीडर का भी उपयोग किया जा सकता है।

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