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तिल के लड्डू एवं तिल का दान मकर संक्रांति के दिन ही क्यों किया जाता हैं?

क्या आप जानते है ? तिल के लड्डू एवं तिल का दान मकर संक्रांति के दिन ही क्यों किया जाता हैं? जनवरी महीने में सूर्य भगवान मकर राशि में प्रवेश करते हैं। जिस दिन सूर्य भगवान का आगमन मकर राशि में होता है। उसी दिन को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता। आमतौर पर मकर संक्रांति को उत्तर एवं मध्य भारत में ज्यादा मनाया जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि अन्य भागों में नहीं मनाया जाता। उत्तर एवं मध्य भारत के अतिरिक्त भारत देश के हर राज्य में मकर संक्रांति को मनाया जाता है। बस उतने अच्छे से नहीं मनाया जाता। जितने अच्छे से उत्तर एवं मध्य भारत के लोग मकर संक्रांति को मनाते हैं।

तिल के लड्डू बनाने के पीछे की खास वजह:-

मकर संक्रांति के दिन एक विशेष लड्डू बनाया जाता है। जिसे तिल का लड्डू कहा जाता है। आज हम अपने ब्लॉग पर यही बताएंगे कि क्यों मकर संक्रांति के दिन तिल के लड्डू बनाने के नियम है। मकर संक्रांति को बहुत सारे लोग तिल संक्रांति के नाम से भी जानते हैं। इसलिए तिल संक्रांति के दिन तिल के लड्डू बनाकर मनाया जाता है।

मकर राशि के स्वामी के लिए लड्डू बनाया जाता है

जिन लोगों की राशि मकर है, उन्हें पता है कि उनके राशि के स्वामी शनि देव है। जिन लोगों को नहीं पता कि मकर राशि के स्वामी शनि देव है। उनके लिए हम बताना चाहेंगे कि शनिदेव को तिल बहुत ज्यादा प्रिय है। इसलिए मकर संक्रांति के दिन तिल के लड्डू बनाने का नियम है।

पिता पुत्र का संपर्क अच्छा रहे इसलिए

भगवान सूर्य के पुत्र ही शनिदेव हैं। शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं। जब सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होता है। तब शनिदेव उन्हें किसी भी प्रकार की क्षति ना पहुंचाएं। इसलिए तिल के लड्डू बनाए जाते हैं। ताकि पिता पुत्र का संपर्क अच्छा रहे।

मकर संक्रांति का त्यौहार आमतौर पर ठंड के मौसम में आता है। ऐसे में वैज्ञानिकों का मानना है कि ठंड के समय में गुड़ का सेवन करना अच्छा होता है।

धार्मिक कारण के अतिरिक्त वैज्ञानिक कारण भी है

गुड़ एक गर्म पदार्थ है। जब यह शरीर में जाता है तो यह शरीर को ठंड से लड़ने में मदद करता है। इसलिए तिल के लड्डू गुड़ के साथ मिलाकर बनते हैं। ताकि शरीर गर्म रह सकें। इसके अतिरिक्त गुड़ एवं तिल के लड्डू शरीर को हर प्रकार के रोग व्याधि से बचाता है।

तिल शरीर में खून की मात्रा को बरकरार रखने में मदद करता है। आजकल सभी को एक ही समस्या होती है। वह है बाल झड़ने की। यदि आपके बाल झड़ रहे हैं‌। तो तिल का लड्डू या सिर्फ तिल खाकर भी आप अपने बालों की समस्या से मुक्ति पा सकते हैं।

तिल का दान क्यों किया जाता है, मकर संक्रांति के दिन

मकर संक्रांति के दिन यदि वह व्यक्ति तिल का दान करते हैं। जिनके ऊपर शनि का प्रभाव है। तो उनके ऊपर से शनि का प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकता है।

यदि मकर संक्रांति के दिन कोई व्यक्ति काले तिल का दान करता है। तो उसके हृदय का समस्त कष्ट दूर हो जाता है।मकर संक्रांति के दिन यदि तिल को जल में मिलाकर स्नान करेंगे। तो जाने-अनजाने में आपके द्वारा किया जाने वाला पाप सब नष्ट हो जाएगा।

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