शादी के लिए लड़की चाहिये?

Visit
रिश्तेकैसे करें?जीवन शैलीरिश्ते और मनोविज्ञानरिश्तों की सलाहलाईफ स्टाइल

ऐसी फितरत वाले लोग चुराते हैं दूसरे के पार्टनर, दोस्त बनकर पीठ में घोंपते हैं छुरा

आपने फ़िल्मों में ज़रूर देखा होगा, वो सीन जहाँ हीरो-हीरोइन ख़ुशी-ख़ुशी ज़िंदगी जी रहे होते हैं और तभी एंट्री होती है ‘तीसरे’ इंसान की! और बस, सब तहस-नहस हो जाता है। हमें लगता है ये सब बस कहानियों में होता है, लेकिन सच कहूँ? मेरी ज़िंदगी के अनुभव ने सिखाया है कि ये असलियत में भी होता है!

ऐसी फितरत वाले लोग चुराते हैं दूसरे के पार्टनर, दोस्त बनकर पीठ में घोंपते हैं छुरा

सबसे ज़्यादा दुख तब होता है जब कोई ‘दोस्त’ बनकर आपकी ज़िंदगी में आता है और आपकी ही पीठ में छुरा घोंप देता है। कुछ लोगों की फ़ितरत ही ऐसी होती है कि उन्हें दूसरों की ख़ुशियाँ बर्दाश्त नहीं होतीं। वे आपके और आपके पार्टनर के बीच ऐसी फूट डालते हैं कि रिश्ता टूट जाता है, और फिर वे ख़ुद आपके पार्टनर के क़रीब चले जाते हैं।

आज मैं आपको अपने अनुभव से उन 4 तरह के लोगों के बारे में बताने जा रही हूँ, जिनसे आपको अपने रिश्ते को बचाने के लिए हमेशा सतर्क रहना चाहिए।


1. ‘बेचारी’, जो ख़ुद अपनी ज़िंदगी से नाख़ुश है

ये वो लोग (अक्सर महिलाएँ) होती हैं जिनका या तो अपना रिश्ता बुरी तरह टूटा होता है या वे अपनी ज़िंदगी में बहुत अकेली और नाख़ुश होती हैं।

  • पहचान: ये अक्सर डिप्रेशन, एंग्ज़ायटी या गहरी जलन से गुज़र रही होती हैं। जब वे आपको और आपके पार्टनर को एक साथ ख़ुश देखती हैं, तो वे इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पातीं।
  • इनका तरीक़ा: ये आपके पार्टनर को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करती हैं। वे ख़ुद को ‘बेचारी’ दिखाकर सहानुभूति (sympathy) हासिल करती हैं और धीरे-धीरे आपके पार्टनर के दिल में जगह बनाने लगती हैं। इन्हें लगता है कि जो ख़ुशी इन्हें नहीं मिली, वो आपसे छीनकर मिल सकती है।

2. कम आत्म-विश्वास वाला ‘दोस्त’

मैंने देखा है कि जिन लोगों में आत्म-विश्वास (self-confidence) की भारी कमी होती है, वे दूसरों से बहुत जलते हैं। वे ख़ुद को हमेशा दूसरों से कम समझते हैं।

  • पहचान: इन्हें लगता है कि अगर वे ख़ुश नहीं हैं, तो किसी और को भी ख़ुश रहने का हक़ नहीं है।
  • इनका तरीक़ा: ये लोग ‘दोस्त’ बनकर आपके रिश्ते की कमज़ोरियाँ ढूँढते हैं। वे आपके और आपके पार्टनर के बीच छोटी-छोटी ग़लतफ़हमियाँ पैदा करते हैं, आग में घी डालते हैं। और जब आपका रिश्ता टूटने की कगार पर होता है, तब वे आपके पार्टनर का ‘भरोसा’ जीतने की कोशिश करते हैं। वे उन्हें झूठा हौसला देते हैं और दिखाते हैं कि “मैं ही तुम्हारी सच्ची शुभचिंतक हूँ।”

3. ‘गेम प्लेयर’, जो किसी का सगा नहीं होता

ये वो लोग होते हैं जिनकी फ़ितरत में ही धोखा देना होता है। ये किसी के सगे नहीं होते, यहाँ तक कि अपने परिवार के भी नहीं।

  • पहचान: इन्हें दूसरों की ख़ुशहाल ज़िंदगी देखकर मज़ा नहीं आता। रिश्ते तोड़ना इनके लिए एक ‘खेल’ जैसा होता है।
  • इनका तरीक़ा: ये लोग बहुत शातिर होते हैं और रिश्ते तोड़ने में माहिर होते हैं। ये झूठ बोलने और चीज़ों को तोड़ने-मरोड़ने से ज़रा भी नहीं हिचकते। इनसे बचकर रहना सबसे मुश्किल होता है क्योंकि ये बहुत ‘मीठा’ बोलते हैं।

4. आपकी अपनी ‘जलनखोर’ सहेली या रिश्तेदार

यह सबसे दर्दनाक होता है। कई बार वह ‘तीसरा’ इंसान कोई और नहीं, बल्कि आपकी अपनी बेस्ट फ़्रेंड, बहन या कोई क़रीबी रिश्तेदार ही निकलती है।

  • पहचान: उन्हें इस बात से जलन होती है कि आप अपने रिश्ते में इतनी ख़ुश कैसे हैं। “इसे मुझसे बेहतर कैसे मिल गया?”
  • इनका तरीक़ा: अगर आपका पार्टनर देखने में स्मार्ट, हैंडसम या अमीर है, तो उनकी जलन और बढ़ जाती है। वे आपकी नज़दीकी का फ़ायदा उठाकर आपके पार्टनर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात जान लेती हैं और फिर उन्हीं बातों का इस्तेमाल आपके रिश्ते में दरार डालने के लिए करती हैं।

❤️ अपने रिश्ते को इन ‘चोरों’ से कैसे बचाएँ? (मेरी सलाह)

किसी को दोष देने से पहले, हमें अपने ‘घर’ को मज़बूत करना होगा। अगर आपके रिश्ते की नींव पक्की है, तो कोई तीसरा उसे हिला नहीं सकता।

  1. बातचीत का दरवाज़ा खुला रखें: अपने पार्टनर से कुछ मत छुपाइए। अगर आपको किसी दोस्त का व्यवहार अजीब लग रहा है, तो उस पर अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। शक को मन में पालने से बेहतर है उसे साफ़ कर लिया जाए।
  2. ‘सीमाएँ’ (Boundaries) तय करें: आपकी सहेली को आपके और आपके पार्टनर के बीच की हर ‘पर्सनल’ बात जानने का हक़ नहीं है। एक सीमा तय करें कि आपको किससे कितनी बात शेयर करनी है।
  3. विश्वास, मगर ‘अंधा’ नहीं: अपने पार्टनर पर भरोसा करें, लेकिन अपनी ‘आँखें और कान’ भी खुले रखें। अपने ‘गट फ़ीलिंग’ (instinct) पर भरोसा करें। अगर आपको लग रहा है कि कुछ ग़लत है, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें।
  4. एक-दूसरे को वक़्त दें: अपने रिश्ते को प्राथमिकता दें। जब आप दोनों एक-दूसरे के साथ मज़बूती से जुड़े होते हैं, तो कोई भी बाहरी ताक़त आपको अलग नहीं कर सकती।

याद रखिए, कोई भी आपके पार्टनर को आपसे ‘चुरा’ नहीं सकता, जब तक कि आपके रिश्ते में ख़ुद कोई कमी न हो। अपने प्यार को मज़बूत बनाइए!

क्या आप जानना चाहेंगी कि एक मज़बूत और भरोसेमंद रिश्ते को कैसे बनाया और बनाए रखा जा सकता है?

Related Articles

Back to top button