आराम करने का सबसे अच्छा तरीका 

आराम करने का सात अनोखा तरीका?

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि नेपोलियन युद्ध के दौरान जब भी उसे समय मिलता था। तो वह अपने घोड़े पर सो जाता था। युद्ध के बीच में नेपोलियन घोड़े की पीठ पर सोता था। यह बात कितनी सच है एवं कितनी झूठ इस बात के विषय में हम आपको नहीं बता सकते। लेकिन यह चर्चा हुई है कि नेपोलियन जब भी युद्ध करने जाते थे।

वह समय मिलने पर अपने घोड़े के ऊपर सर रखकर सो जाते थे। यदि आप भी अपने बिजी वक्त से समय निकलकर सोना चाहते हैं। तो हम आपको सात अनोखे तरीके बताएंगे। जो तरीके आपको किसी भी वक्त आराम देने में सहायता प्रदान करेंगे।

शारीरिक आराम

शारीरिक आराम उन लोगों को ज्यादा करने की जरूरत है। जो पूरे दिन एक जगह पर खड़े होकर काम करते हैं या फिर एक जगह पर बैठकर काम करते हैं। ज्यादा देर तक एक ही जगह पर बैठे रहने से शरीर के उस भाग में दर्द होना शुरू हो जाता है। जहां पर दर्द होना ही नहीं चाहिए था। कामकाजी लोगों को सोने का वक्त बहुत कम मिलता है। लेकिन फिर भी उनको 6 घंटे सोना ही चाहिए। आराम करने का सबसे अच्छा तरीका 

मानसिक विश्राम

तन के साथ मन का ध्यान रखना भी ज़रूरी है। तनाव और शारीरिक थकान एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। थका देने वाले दिन के अंत में तनाव को कम करने में नियमित ध्यान या शांत करने वाले गाने मददगार हो सकते हैं।

भावनात्मक आराम 

भावनाओं का खिंचाव तनाव से थोड़ा अलग होता है। विश्राम का तरीका भी व्यक्तित्व के आधार पर भिन्न होता है। कुछ लोगों को एकांत जीवन में आराम मिलता है, तो कुछ लोगों को अपने परिवार के सामने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में आराम मिलता है। अपनी भावनाओं के बारे में अपने परिवार से बात करना भी एक तरह का आराम है।

सामाजिक विराम

सहकर्मियों से लेकर मित्रों तक, हमें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुत से लोगों से बात करनी होती है। कई बार आपको खुद को उस लिस्ट से बाहर करना पड़ता है। सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल थकान भी लाता है। लेकिन थकान से निजात पाने के लिए खुद से बात करना भी उतना ही जरूरी है। कभी-कभी अपने लिए, दोस्तों या परिवार के घेरे से बाहर निकलने के लिए समय निकालें।

रचनात्मकता

 रचनात्मकता तनाव को कम करने में मदद करती है। तन मन को दोनों को ठीक रखता है। चित्र बनाने, गाने गाने या अपनी पसंदीदा कविताएँ सुनाने के लिए समय निकालने से थकान कम हो सकती है।

अध्यात्म

 एक ही काम को लंबे समय तक करने से बोरियत पैदा हो सकती है। यह एकरसता किसी के जीवन के उद्देश्य और भविष्य के बारे में संदेह का स्तर पैदा कर सकती है। अध्यात्म इस समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। विशेष रूप से प्रकृति में कुछ समय बिताना या ध्यान करना काफी फायदेमंद हो सकता है।

संवेदना का विमोचन

पांचों में से कोई एक इंद्रिय सदैव सतर्क रहती है। इसलिए बाकी इंद्रियों का बहुत महत्व है। हो सके तो पूरे दिन मोबाइल और लैपटॉप से ​​दूर रहें। बिना किसी शोर-शराबे के किसी शांत, शांत जगह में समय बिताना भी फायदेमंद हो सकता है।

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