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भाभी मायके में ही रहती है। अलग रहने के लिए उत्तेजित करती है। क्या करना पड़ेगा?

मेरा नाम मीनाक्षी है। मै शादीशुदा महिला हु, मेरी समस्या भी की बीवी के बारे में है। भाभी मायके में ही रहती है।

भाई को बोलती है, की अलग रहने के लिए तैयार हो, तो ही तुम्हारे साथ रहूंगी। भाई बेचारा गरीब है।

दिनभर नौकरी से थक जाता है। भाभी उसको चाय के लिए पूछती भी नहीं। खुद अच्छा पकवान खाती है। भाई

बचा खुचा खाना खाकर पेट भरता है। शादी को 5 साल हो गए।, हमे लगा था, की धीरे धीरे सुधर जाएगी। मगर

वह सुधरने का नाम नहीं लेती। भाई को ही अलग रहने के लिए उत्तेजित करती है। मेरे माँ बाप से अलग करना चाहती

है। क्या करना पड़ेगा? मै नहीं चाहती की, भाई माँ बाप से अलग रहे। भाभी मायके में ही रहती है। अलग रहने के लिए उत्तेजित करती है। क्या करना पड़ेगा?

हमारी सलाह : भाभी मायके में ही रहती है। अलग रहने के लिए उत्तेजित करती है।

आपके बड़े भाई की बीवी उनके मायके में ही रहती हैं। वह तभी आपके भाई के साथ रहेंगी।

जब आपका पूरा परिवार अलग हो जाएगा। यह उनकी छोटी मानसिकता वाली सोच है।

इसमें गलती उनकी नहीं उनकी सोच की है। आज के समय में सभी लोग अलग-अलग रहना

ज्यादा पसंद करते हैं। कोई भी एक साथ ज्वाइंट फैमिली में रहना ही नहीं चाहता।

लोग अकेले इसलिए रहना चाहते हैं क्योंकि आजकल किसी को किसी से कोई मतलब ही नहीं होता।

आपकी भाभी भी ऐसी ही प्रकृति के व्यक्तित्व वाली औरत है। जो सिर्फ अपना ही स्वार्थ देखती है।

उनको आप सुधार सकते हैं। इसके लिए आपको थोड़ा सा प्रयास करना होगा।

अपनी भाभी को ज्वाइंट परिवार के फायदे बताइए

आपकी भाभी के सोच के विषय में जानकार। हमें ऐसा ही प्रतीत होता है कि वह सुविधावादी औरत है।

यदि वह सुविधा ही चाहती हैं तो उन्हें कहिए की भाभी यदि आप अकेले रहना चाहती हैं।

तो आप शौक से हमसे अलग हो जाइए। लेकिन अलग होने से पहले हमें यह तो बताइए आप लोग

क्यों अलग होना चाहती है। इसलिए ना क्योंकि आपको घर के कुछ काम करने होते हैं।

तो फिर यह बताइए कि अलग होने के बाद आपको काम करना होगा या नहीं?

फिर उनको कहिए कि आप ऐसा उनसे इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि अभी तो सभी लोग ज्वाइंट फैमिली में रहते हैं। 

ज्वाइंट फैमिली में हर एक सदस्य को काम दे दिया जाता है और सब अपने-अपने काम को कर लेते हैं।

तो भाभी यह बताइए कि आप जब अलग हो जाएंगी। तब आप सारे काम कर लेंगी ना।

जब आप यह सभी बातें कहेंगे तब उनके दिमाग में बत्ती जलेगी। उनको आपकी बातें समझ में आएगी।

एकता के विषय में जानकारी दीजिए

एकता में शक्ति होती है। इस बात का विश्वास आपको अपनी भाभी को दिलाना होगा।

ताकि उन्हें सच में यकीन हो जाए कि वह जो करना चाहती है वह गलत है। परिवार की असली

शांति तो परिवार के लोगों से है। ना कि उनसे अलग होने में। परिवार से अलग होकर वह तो अलग हो

जाएंगी। लेकिन एक बेटा अपने भाई से, एक बेटा अपनी मां से दूर हो जाएगा।फिर अपनी भाभी

से कहिए कि कल अगर आपका बेटा आप से अलग हो जाएगा और वह अपनी पत्नी के साथ रहेगा।

तो आपको कैसा लगेगा? क्या आपको खुशी होगी या आपको दुख होगा?

आपका यह प्रश्न आपके भाभी के अंतर्मन को छुएगा और उन्हें यकीन भी होगा की आप जो कह रहे हैं।

वह सच ही कह रहे हैं। इस तरह से आपके भाभी के सोच में बदलाव आएगा और वह घर भी वापस आएंगी।

वापस कभी वह परिवार से अलग होने के बात कभी नहीं कहेंगी। दोस्तों इंसान गलत हो सकते है।

लेकिन यदि उन्हें प्यार से समझाया जाए तो वह जरूर समझते है। मुंशी प्रेमचंद जी कभी भी किसी को

गलत नहीं समझते थे। उनके अनुसार संसार का सभी व्यक्ति अच्छा है। बस हालात उसे बुरा बना देता है।

आपकी भाभी भी उन्हीं में से एक है। जो वास्तव में बुरी नहीं है। बस परिस्थितियों के कारण उनकी सोच बुरी बन गई है।

जिसे आप को बदलना है और उन्हें एक अच्छा व्यक्ति बनाना है।

अपनी जिद छोड़ दो

सबसे आखिर में हम आपको ये सुझाव देते है, की अगर आप सचमुच भाई का भला चाहती है, तो अपनी जिद छोड़ दो।

पति पत्नी के निजी मामले में दखल न दें। उनको अपना भला बुरा सब समझता है। वह आप लोगों से शायद

परेशान है, इसलिए आपसे दूर रहना चाहती है। तो यह फैसला उन दोनों को लेने दो। अगर माँ बाप से इतना ही

प्यार है, तो उनकी जिम्मेदारी लें। उनको हर महीने पैसे भेजे, या खुद जाकर मदद करें। अगर आपके भाई का

भविष्य इससे सुधरने वाला हो, तो इतना तो फर्ज आपका बनता ही है।

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