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हर लड़की के लिए शादी करना क्यों जरूरी है?

ऐसा क्यों कहा जाता है कि शादी दो परिवारों के मध्य होती है?

शादी जब तय होता है। तो वह रिश्ता केवल लड़के व लड़की के बीच तय नहीं होता है। बल्कि दोनों परिवार कहने का तात्पर्य लड़की एवं लड़की के परिवार वालों के साथ भी रिश्ता तय होता है। इसलिए अक्सर यह बात कही जाती है कि शादी दो परिवारों के बीच ही होता है। यह बात कितनी सत्य है। आइए जानते हैं-

किसी भी नेक कार्य में परिवार की भूमिका बहुत अहम होती है। यहां बात हो रही है शादी की और बात हो रही है उस एक पंक्ति की जिस पंक्ति में स्पष्ट रूप से यह कहा जाता है कि शादी दो परिवारों के मध्य होती है। यह बात कितना सच है एवं कितना झूठ  है। आज ही बताने के लिए ही इस टॉपिक पर वार्तालाप कर रहे हैं।

शादी दो परिवारों का मिलन कैसे हैं?

जब शादी होती है। तो ना केवल उस वक्त लड़की एवं लड़का एक दूसरे के संपर्क में आते है। बल्कि दोनों परिवार के लोग भी दोनों परिवारों से अटैच होने लगते हैं। दो अजनबी परिवार शादी के सूत्र के कारण एक दूसरे के करीब होते चले जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि शादी तो परिवार के मिलने की वजह होती है।

दो परिवार का तात्पर्य किस के परिवार से हैं?

दो परिवार का तात्पर्य लड़की एवं लड़के के परिवार से हैं। लड़के एवं लड़की के माध्यम से दो परिवार के बीच एक संबंध स्थापित होता है। जो तब तक खत्म नहीं होता। जब तक की शादी के बंधन में बंधने वाले लोग अपना रिश्ता खत्म नहीं करते।

शादी के दौरान 2 परिवार का संबंध आपस में जुड़ कैसे जाता है?

जब शादी का संबंध जुड़ता है। तब तक दोनों परिवार बार-बार मिलते हैं और शादी के संबंध में चर्चा करते हैं। वह चर्चाएं देखकर एवं सुनकर अच्छा लगता है। मानो दो परिवार के लोग आपस में एक दूसरे से बात कर रहे हैं।

शादी के दौरान ही संबंधी रिश्तेदार और रिश्तेदार से दोस्त बन जाते हैं

शादी का दिन जितना करीब आता चला जाता है। उतने ही करीब लड़के एवं लड़की के परिवार वाले भी होते चले जाते हैं। दोनों में दोस्ती का संबंध स्थापित होता है। दोनों ही परिवार के लोग शादी को लेकर हर तरीके की चर्चा करते हैं। मैंने शादी के बाद भी दोनों परिवार के लोगों का संबंध जुड़ा रहता है। जब भी दोनों को एक दूसरे की जरूरत पड़ी है। दोनों परिवार एक दूसरे के पक्ष में ही खड़ा रहता है।

मुसीबत में रिश्तेदार पास खड़े होते हैं

शादी के बाद जब लड़का और लड़की का परिवार भी आपस में घुल मिल जाता है। तब वह चीज देखकर भी अच्छा लगता है। यहां तक कि जब दोनों परिवार में से किसी एक परिवार पर मुसीबत आती है। तब दूसरे परिवार के लोग उस मुसीबत का निवारण कर लेते हैं। कहने का तात्पर्य है आपस में बैठकर समस्या का हल कर लेते हैं।

निष्कर्ष : लड़की के लिए शादी क्यों जरूरी है?

अतः इस बात पर कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि शादी दो परिवारों के मध्य ही होती है। तभी तो शादी के बाद  भी सगे संबंधी हमेशा पास खड़े होते हैं। दो परिवार के लोग आपस में दोस्त बनते हैं। शादी के कारण ही 2 परिवार के लोग अपने अपने बच्चों का हाथ दूसरे परिवार के बच्चे के हाथ में सोते हैं। दो परिवार के लोग अपने बच्चे के कारण ही एक नए परिवार को अपना परिवार मान लेते हैं। दो परिवार के मिलन के कारण ही लड़का एवं लड़की को भविष्य में जब भी कोई समस्या होती है। तो उनको अपने परिवार से पूर्ण रूप से मदद से मिलती हैं।

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