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शादी करने के पीछे मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

शादी क्यों की जाती है? शादी करने के पीछे मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

बचपन से ही हम सुनते आए हैं कि बड़े होकर शादी करनी होती है। बेटियों को बचपन से ही पराया धन कहां जाता है।समाज सिखाता है कि प्यार से शादी होती है, लेकिन असल में शादी ही प्यार को पैदा करती है और मजबूत करती है।

कारण उनको शादी के बाद अपना घर छोड़कर जाना पड़ता है। वहीं लड़कों को बचपन से ही जिम्मेदारी क्या होती है समझाया जाता है।

क्यों जरूरी है शादी?

यह सब कुछ धर्माथ,पुरूषार्थ, काम, मोक्ष आदि के लिए एक नारी एवं पुरुष का गठबंधन किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दुनिया का हर व्यक्ति तब ही पवित्र होता है। जब वह विवाह करता है।

मनुस्मृति में भी शादी की बात का उल्लेख किया गया है

इस विश्व के समस्त सुखों को प्राप्त करने के लिए शादी जरूरी है। शादी एक संस्कार है। जिसे सभी को मानना पड़ता है। यह एक पवित्र बंधन है। यह एक नई जिंदगी की शुरुआत होती है। व्यक्ति खुद का परिवार बनाता है।

विवाह करने के पीछे मुख्य उद्देश्य :-

एक औरत को मां बनने का सुख भी शादी के बाद ही प्राप्त होता है। एक पुरूष अपनी पत्नि का आधा हिस्सा होता है। जिसे पूरा वह अपनी पत्नि के कारण कर पाता है।

कर्तव्य पालन करने के लिए

कुछ कर्तव्य जैसे धार्मिक एवं सामाजिक कर्तव्यों का पालन करने हेतु शादी करना जरूरी माना गया है।एक नारी के बिना पुरुष का जीवन व्यर्थ है। बिना शादी के पुरूष किसी धार्मिक कार्यों में शामिल नहीं हो सकता।

इसलिए शादी करना जरूरी है ताकि शादी के बाद पुरुष अपने पत्नी के साथ हर धार्मिक कार्य जैसे- ब्रह्म यज्ञ, देव यज्ञ, पितृ यज्ञ और अतिथि यज्ञ। यह पांचों यज्ञ पुरुष एवं महिला शादी के बिना नहीं कर सकते।

यदि कोई धर्म विरुद्ध जाकर यह यज्ञ करता है, तो उसका वह यज्ञ अधूरा ही माना जाएगा।

सांसारिक एवं सुख के लिए

संसार धर्म का पालन सभी को करना चाहिए। शादी के बिना सांसारिक सुख का आनंद नहीं लिया जा सकता है। साथ ही अपनी पीढ़ी को आगे ले जाने के लिए पति एवं पत्नी दोनों का ही महत्वपूर्ण योगदान होता है‌. यह सुख भी केवल शादी से ही मिलती है।

संस्कारों का आदान-प्रदान करने हेतु

विवाह को एक संस्कार माना जाता है। एक पवित्र संस्कार। साथ ही विवाह के बाद एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को संस्कार प्रदान करती है। यह परंपरा युगों-युगों से एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को सौंप रही है। इस तरह से संस्कार का आदान-प्रदान विवाह के द्वारा किया जाता है।

निष्कर्ष: शादी करने के पीछे मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

सामान्य तौर पर, लोग एक से अधिक कारणों से अपना जीवन एक साथ बिताने की प्रतिबद्धता बनाते हैं। हर जोड़ा शादी के लिए प्रतिबद्ध होना चुनता है क्योंकि यह उनकी जरूरतों को पूरा करता है और उनके मूल्यों और सपनों का समर्थन करता है।

परमेश्वर विवाह को पति और पत्नी के बीच एक समझौते के साथ-साथ जोड़े और उसके बीच एक प्रतिबद्धता मानता है। वह उम्मीद करता है कि हम अपने आप को रिश्ते के लिए समर्पित करें और अपने जीवनसाथी और भगवान दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों, कर्तव्यों और वफादारी को पहचानें।

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