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पति शराब पीकर मुझे रातभर बहुत मारता और गाली देता है। क्या करूं?

मै एक शादीशुदा गृहिणी हु। मेरी बदकिस्मती है, की मुझे बहुत शराबी पति मिला। मुझे एक छोटा बेटा है। ससुराल वाले सब लोग भी अच्छे है। मगर शादी को 5 साल हो गए। मेरा पति शराब पीकर मुझे बहुत मारता और गाली देता है। क्या करू?

उत्तर : पति शराब पीकर मुझे रातभर बहुत मारता और गाली देता है।

शराब पीने की लत अक्सर रिश्तों को तोड़ने की वजह बनती है। ऐसे में आप की शादी को पूरे 5 साल हो गए हैं और आपका पति रात को शराब पीकर आपको ही गालियां देता है। ऐसे पति के साथ आप घर कैसे कर रही हैं। यह आप ही जानते होंगी। हम समझ सकते हैं कि आपको कठिनाई भी होती होगी। ऐसे व्यक्ति के साथ रात दिन एक ही छत के नीचे रहने में।

हम आपकी पूरी सहायता करेंगे। ताकि आप इस वाहियात परिस्थिति से बाहर निकल सकें।

हमारे भारत देश में हर साल लगभग शराब की लत के कारण महिलाओं पर उनके पति के द्वारा शोषण होता है। महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार अक्सर अपने शराबी पति के हाथों ही होती है। इस तरह से क्राइम होने का चांस भी 90% बढ़ जाता है।

पति से तलाक लिजिए 

आप अपने घर में सुरक्षित नहीं है क्योंकि आपके पति जो आपको गाली देते हैं। वह पर हाथ भी उठा सकते हैं। यहां तक कि वह आपकी जान भी शराब के नशे में ले सकते हैं। इसलिए जितना जल्दी संभव हो सकें। आप अपने पति को तलाक देकर उनसे अलग हो जाइए। यही आपके एवं आपके भविष्य के लिए अच्छा होगा।

यदि आप अपने पति को सुधारना चाहती है। तो एक आखिरी कोशिश करके देख सकती है। यदि वह सुधर गए तो अच्छी बात है अन्यथा हमने जो आपसे कहा वही आप कीजिएगा।

अपने पति को सुधारने के लिए आप उनको नशा मुक्ति केंद्र में ले जा सकती हैं। वहां जाने के बाद बहुत सारे लोग नशा से मुक्त हो जाते हैं।

नशा मुक्ति केंद्र कैसे काम करता है?

नशा मुक्ति केंद्र में एक दिन-प्रतिदिन की दिनचर्या होती है। यहां जब एक रोगी को भर्ती किया जाता है, तो रोगी को बहुत गौभीर विषहरण अवस्था से गुजरना पड़ता है। इस अवस्था में शरीर से नशीले पदार्थ के सेवन के कारण मौजूद सभी विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। यह चरण महत्वपूर्ण है क्योंकि शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने के बाद ही शारीरिक लालसा गायब हो जाती है।

सफलतापूर्वक विषहरण से गुजरने के बाद, रोगी को पुनर्वास केंद्र की दैनिक दिनचर्या के तहत रखा जाता है। इस दिनचर्या में योग, ध्यान, व्यायाम, समय पर भोजन, इनडोर खेल, मनोरंजन आदि शामिल होता हैं। यह कार्य रोगियों के ऊर्जा स्तर को बनाए रखने में मदद करता है और साथ ही यह उनके दृष्टिकोण में सकारात्मक रखता है। उपचार के सफल होने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बहुत महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि व्यसनों के प्रभाव में बिताए गए समय के कारण कई व्यसनी नकारात्मक मानसिकता रखते हैं।

केंद्र या नशा मुक्ति केंद्र की दिनचर्या में पूरी तरह से सहज होने के बाद केंद्र द्वारा नियुक्त मनोचिकित्सक प्रत्येक रोगी की जांच करते हैं। यह मानसिक स्थिति और अवसाद के लक्षणों का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। जो कि व्यसन से पीड़ित रोगियों में आम है। जांच के बाद जरूरत पड़ने पर ही दवाएं दी जाती हैं। जबकि काउंसलर मरीजों के सामान्य और व्यक्तिगत सत्र लेता है। इन सत्रों में व्यसन की ओर ले जाने वाली सभी समस्याओं को हल करने के लिए रोगी अपने मुद्दों के बारे में बात करते हैं।

अंतिम फैसला आपका होगा

लेकिन इन सभी प्रक्रियाओं में आपका खर्चा बहुत ज्यादा हो जाएगा। यदि आप खर्चा को उठा सकती हैं। तो आप अपने पति को भी ठीक कर सकती हैं। यदि आप खर्चा नहीं उठा सकती हैं। तो फिर आपके लिए थोड़ा मुश्किल होगा। अपने पति को ठीक करना। यदि आप चाहें तो उनको ठीक कर सकती हैं या फिर उन से अलग होकर एक बेहतर जिंदगी जी सकती हैं। कुछ काम करके अपनी पूरी जिंदगी आराम से भी गुजार सकती हैं। अब आगे आप क्या करना चाहती हैं। यह आपके ऊपर निर्भर करता है। पति शराब पीकर मुझे रातभर बहुत मारता और गाली देता है।

निष्कर्ष 

हर इंसान को अपनी तरह से जिंदगी जीने का पूरा हक होता है और आपको भी इस तरीके से अपनी जिंदगी जीने का पूरा हक है। यदि आप अपने पति के बिना नहीं रह सकती है। तो आपको ही उन्हें सुधारना पड़ेगा और नशा मुक्ति केंद्र ही वह मार्ग है। जहां जाकर आपके पति ठीक हो सकते है। यदि पैसे नहीं है तो आप किसी से उधार लेकर भी उनका इलाज करवा सकती हैं और यदि आप अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती हैं। तो उन्हें अलग हो जाना ही अच्छा होगा।

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