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चाणक्य नीति के 6 नियम

गुरु चाणक्य अपने समय से बहुत आगे निकलने वाले व्यक्ति थे। जो बहुत बुद्धिमान व्यक्ति थे। इन्होंने नैतिकता के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण अवलोकन किया था। चाणक्य द्वारा नीति शास्त्र विभिन्न शास्त्रों से स्वयं चाणक्य द्वारा चुने गए कथनों का एक संग्रह है। जिसके विषय में हम चर्चा करेंगे।

चाणक्य नीति की खास बातें

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चाणक्य आज से बहुत ईसा पूर्व लगभग  371-ईसा पूर्व से 283 के मध्य एक भारतीय शिक्षक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, न्यायविद और शाही सलाहकार हुआ करते थे। उन्हें पारंपरिक रूप से लोग कौटिल्य या विष्णुगुप्त के रूप में जानते है। इन्होंने ने ही प्राचीन भारतीय राजनीतिक ग्रंथ, अर्थशास्त्र को लिखा और नीतीशस्त्र भी इनके द्वारा ही लिखा गया था।

  1. चाणक्य नीति : चरित्रहीन स्त्री

    हर महिला को अपने चरित्र को ऐसे संभालना है जैसे कोई धनी व्यक्ति अपनी तिजोरी को संभालता है। जब कोई स्त्री चरित्र नहीं संभाल सकती, तब वह झूठी और स्वार्थी बन जाती है। और धीरे धीरे अपने साथ परिवार को भी बर्बाद करती है। चरित्रहीन स्त्री खतरनाक होती है।
    भोग विलास की आदत इंसान को सच्चाई से दूर करती है। स्त्री की खूबसूरती से ज्यादा महत्वपूर्ण उसके गुण होते है। पुरुष को शादी से पहले वही गुण सौन्दर्य से ज्यादा देखने चाहिये। धर्म कर्म करनेवाली स्त्री पति का कभी अहित नहीं करती।

  2. चाणक्य नीति : अकेलापन

    यदि व्यक्ति अकेला है। उसे कोई समझाने वाला नहीं है। तो उसे अपने विचारों को मजबूत करना पड़ेगा। ताकि कोई दूसरा उसके अकेलेपन का या उसकी बेवकूफी का फायदा ना लें सकें।
    चाणक्य नीति में कहा जाता है कि मनुष्य को कभी भी अपने ज्ञान को सीमित नहीं रखना चाहिए। यदि मनुष्य अपने ज्ञान को सीमित रखेगा तो वह कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ पाएगा।

  3. चाणक्य नीति : अपयश से नहीं दूसरों की गलतियों से सिखों

    दूसरों की गलतियों से सीखें। हमेशा गलतियों से सीखना जीवन में कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है। सबसे बड़ी गलती जो हम करते हैं, वह है गलती ना मानना। प्रतिभा वही है जो हमेशा दूसरे की गलती से सीखने की कोशिश करती है और साथ ही हर बार जीवन को इकट्ठा करने की कोशिश करती है।
    अपयश यही एकमात्र यश का सीक्रेट नहीं है। कभी कभी दूसरे का अपयश भी आपको सिख देने के लिए पर्याप्त है।

  4. चाणक्य नीति : सबसे बड़ा हथियार

    गुरु चाणक्य के अनुसार यदि कोई व्यक्ति शिक्षित है। तो उसे जीवन में कभी कोई हरा नहीं सकता। कारण उसकी शिक्षा ही उसका सबसे बड़ा हथियार है। जो उसे हमेशा बचाते रहेगा हर मुश्किलों से।
    कभी भी हार नहीं माने। कहा जाता है कि जीतने वाले कभी हार नहीं मानते और छोड़ने वाले कभी नहीं जीतते। सफलता दृढ़ता के बारे में है। जीवन अप्रत्याशित है, सुख और दुख आते जाते रहते हैं। इसलिए चमत्कार होने से पहले कभी हार न मानें।

  5. चाणक्य नीति : सफलता की चाबी

    यदि आप जीवन में सब कुछ प्लानिंग के साथ करते हैं। तो आप एक बहुत अच्छे इंसान हैं। लेकिन प्लानिंग के साथ-साथ आपको इस बात को भी ध्यान में रखना होगा कि आप जो भी प्लानिंग कर रही हैं। उस प्लानिंग के बाद सीक्रेट को किसी को भी ना बोलें। हमेशा अपने जीवन के सीक्रेट को अपने तक ही सीमित रखें। ताकि आपका वह काम सफल हो सकें।

  6. चाणक्य नीति : सबसे अच्छा निवेश

    कोई भी नया काम करने के लिए भय मन में मत रखिए। हार के आगे जीत हैं। हर घाव और पसीने की एक-एक बूंद के साथ हम दिन-ब-दिन जीवंत होते जाते हैं।
    अच्छाई ही एक ऐसा निवेश है जो कभी असफल नहीं होता। यह केवल एक विकल्प नहीं है।  हर चीज में अच्छा होना हमेशा अच्छा होता है, चाहे वह कुछ भी हो। यदि औप औरों के साथ अच्छा करेंगे तो आपके साथ ईश्वर अच्छा ही करेंगे। 

चाणक्य नीति आध्यात्मिकता के साथ व्यावहारिक ज्ञान का मिश्रण है। यह आपको सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ मार्गदर्शन भी करेगा। सदियों पुरानी होने के बावजूद, चाणक्य नीति के भीतर अधिकांश जानकारी को आधुनिक जीवन शैली में आसानी से लागू किया जा सकता है।

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