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शादी के बाद दुल्हन ही दूल्हे के घर क्यों जाती है?

मेरी 30 साल है। मेरी शादी अभी-अभी फिक्स हुई है। जब से शादी फिक्स हुई है तब से मैं दुखी भी हूं और खुश भी। खुश इसलिए हूं क्योंकि मेरी शादी ठीक हो गई है। दुख इसलिए हो रहा है क्योंकि मुझे शादी के बाद अपना घर-परिवार छोड़कर एक नई जगह पर जाना होगा।

मेरा सवाल है कि आखिर क्यों लड़कियां ही शादी के बाद लड़के के घर जाती है। लड़का क्यों शादी के बाद अपनी पत्नी के घर में ताउम्र नहीं रुकता। किस लिए इस प्रथा की शुरुआत की गई थी एवं क्यों?

हमारी सलाह : शादी के बाद लड़की ही लड़के के घर क्यों जाती है? और यह प्रथा कैसे शुरू हुई?

अपना ऋण चुकाने के लिए एक पिता अपनी बेटी का कन्यादान करते हैं बेटियां शादी के बाद अपना घर छोड़कर ससुराल इसलिए जाती है क्योंकि ऐसा वैदिक शास्त्र में लिखा गया है कि बेटियां पिता के लिए ऋण होती है। पिता शादी के दिन अपनी बेटी का कन्यादान कर उस ऋण से मुक्ति पा जाते हैं। इसलिए शादी के बाद बेटियों को अपने पिता का घर छोड़ अपने पति के घर में जाना पड़ता है।

शास्त्र में लिखा है इसलिए ऐसा होता है


बेटियां पिता के घर में बहुत प्यार पाकर बड़ी होती है। शास्त्र के अनुसार बेटियां एक ऋण के रूप में पिता को मिलती है। कन्यादान प्रथा के माध्यम से पिता अपनी बेटी का दान अपने दामाद को करते हैं। साथ ही उनसे आग्रह भी करते हैं कि जिस तरह से उन्होंने अपनी बेटी का ध्यान इतने वर्षों तक रखा है। वैसे ही वह भी उनकी बेटी का ध्यान रखें ताकि उनकी बेटी हमेशा खुश रहे।

अर्थ वेद में भी बेटियों को घर छोड़कर जाने की बात कही गई है


आपने अथर्ववेद को पढ़ा है तो आपको पता होगा कि बेटियां क्यों शादी के बाद अपना घर छोड़कर अपने पति के घर में जाती है। जी हां दोस्तों अथर्ववेद में लिखा हुआ है कि जिस तरह नदी का दो किनारा एक साथ चल तो सकता है। लेकिन वह दोनों किनारे कभी आपस में मिल नहीं सकते। ठीक उसी प्रकार बेटियां अपने पिता के घर में बड़ी तो होती है। लेकिन ताउम्र अपने पिता के घर में नहीं रह सकती। उन्हें शादी के बाद अपना घर छोड़ ससुराल जाना ही पड़ता है।

लक्ष्मी का रुप होती है बेटियां


बहु एवं बेटियों को माता लक्ष्मी का स्वरूप कहां जाता है। शास्त्रों में लिखा है कि बेटियां लक्ष्मी स्वरूप होने के कारण शादी के बाद अपने ससुराल में सुख, समृद्धि,धन आदि कल आपने ससुराल वालों को प्रदान करती हैं। इसलिए उन्हें शादी के बाद अपने पिता का घर छोड़ जाना पड़ता है।ताकि उनके लक्ष्मी जैसे कदम ससुराल पर पड़ने पर वह घर सुख एवं समृद्धि से भरपूर हो जाए।

शादी के बाद किस्मत जुड़ जाते हैं


शादी के बाद पति एवं पत्नी का भाग्य, एक दूसरे के साथ जुड़ जाता है। यह भी एक वजह है। जिसके वजह से पत्नी को अपने पति के साथ उसके घर में जाना पड़ता है। शादी दो परिवारों के बीच का बंधन होता है। शादी के पूरे कार्यक्रम में सबसे अहम भूमिका दुल्हन का ही होता है। शास्त्रों में नारी को देवी दुर्गा, लक्ष्मी,अन्नपूर्णा आदि का रूप माना जाता है।

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